सेवर थाना क्षेत्र के रुद्र नगर कॉलोनी में शनिवार शाम करीब 6.45 बजे एक बाइक पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने एडवोकेट यश चौधरी पर फायरिंग कर दी। घटना में चौधरी बाल-बाल बच गए। चौधरी ने बताया कि वह जैन मंदिर कॉलोनी से अपने बच्चे को ट्यूशन से लेकर घर के पास क
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बच्चे दुकान के पास अलग साइड में थे। इसी दौरान दो अज्ञात बदमाश उनका पीछा करते हुए दुकान तक पहुंचे। जब चौधरी ने सामान लेकर पीछे मुड़कर जाने की कोशिश की, तभी बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली दुकान के काउंटर में जा फंसी। घटना के समय काउंटर पर आठ वर्षीय एक बच्चा भी माचिस लेने खड़ा था। गोली के छर्रों से बच्चा लग गया, लेकिन वह मामूली घायल हुआ। फायरिंग के बाद बदमाश जैन मंदिर वाली गली की ओर फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ ग्रामीण आकांक्षा चौधरी और एसएचओ सतीशचंद्र शर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। इसके साथ ही डीएसटी की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है। यश चौधरी ने फायरिंग की घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर भी साझा की। पुलिस घटना में शामिल बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी के लिए तफ्तीश कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
आई विटनेस कमलेश ने कहा- काउंटर नहीं होता तो मुझे ही लगती गोली
मैं अपनी दुकान चला रही थी कि सामने फायरिंग हो गई। यश चौधरी दुकान से सामान ले रहे थे। तभी मेरी दुकान के सामने सड़क पर एक बाइक पर दो बदमाश आए। बाइक चला रहे युवक ने पीछे बैठे साथी से कहा कि ” दुकान से कुछ सामान ले लो।’ और फिर उसने फायरिंग कर दी। उसके बाद वे जैन मंदिर जाने वाली गली से फरार हो गए। फायरिंग की अचानक आवाज से मैं डर गई। गोली मेरे दुकान के काउंटर में जा फंसी। मैं काउंटर के सामने खड़ी थी, अगर काउंटर न होता तो गोली मुझे ही लगती। फायरिंग के दौरान छोटे-छोटे कण के छिटके भी मेरे पास लगे।
दीपेश ने कहा- दुकान पर सामान लेने गया, तभी आए बदमाश, मेरे हाथ में लगे छर्रे मैं अपनी मम्मी के लिए माचिस लेने आया था। अचानक, एक तेज आवाज़ हुई और मैं डर के मारे चौंक गया। मेरी नजर उसी आवाज़ की ओर गई और देखा कि काउंटर पर गोली लगी। गोली के छर्रे मेरे हाथों में लग गए। मैं बहुत डर गया, लेकिन भगवान का शुक्र है कि गंभीर चोट नहीं आई। मेरे हाथों पर छोटे-छोटे रेड निशान पड़ गए। तभी मैंने देखा कि बदमाश बाइक पर बैठकर तेज़ी से भाग रहे थे। गोली काउंटर पर फंसी गई। मैं डर के बावजूद शांति बनाए रखने की कोशिश करता रहा। यह सब बहुत जल्दी हुआ, पर मेरी आंखों के सामने सब स्पष्ट था।
