हिमाचल सरकार ने राज्य के सबसे सीनियर IAS संजय गुप्ता को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया है। सरकार ने इस संबंध में आधी रात को ऑर्डर जारी किए। इनके कार्यभार संभालने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) केके पंत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चार्
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इसके अलावा पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को बिजली बोर्ड का चेयरमैन बनाया है। प्रमोद सक्सेना कल ही मुख्य सचिव पद से रिटायर हुए हैं और रिटायरमेंट के बाद बीती रात को ही प्रदेश सरकार ने उन्हें हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव के समान रैंक भी दिया है।
बता दें कि इससे पहले सुक्खू सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव रहते भी 6 माह का सेवा विस्तार दिया था।
संजय गुप्ता रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन हिमाचल प्रदेश लिमिटेड के चेयरमैन व सह प्रबंध निदेशक का कार्यभार अगले आदेशों तक संभालते रहेंगे। सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव के समान रेंक दिया है। पहले भी गुप्ता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं।
वहीं, संजय गुप्ता अभी तक राज्य बिजली बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। इनकी जगह मुख्य सचिव पद से बीते कल ही रिटायर हुए प्रबोध सक्सेना को तैनाती की चर्चा है। इस संबंध में आज ऑर्डर हो सकते हैं।
मुख्य सचिव की दौड़ में थे संजय गुप्ता
साल 1988 बैच के IAS संजय गुप्ता को मुख्य सचिव पद की दौड़ में माना जा रहा था। वह राज्य के सबसे सीनियर IAS है। इनके बाद सीनियॉरिटी में 1993 बैच के केके पंत है। संजय गुप्ता की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में तैनाती के बाद केके पंत का मुख्य सचिव बनने का संभावनाएं अधिक हो गई है। इसे लेकर आज फैसला हो सकता है।
केके पंत के बाद सीनियॉरिटी में ACS ओंकार शर्मा है। चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में ओंकार की जांच रिपोर्ट से जिस तरह के सवाल सरकार और शिमला पुलिस की इन्क्वायरी पर उठे है, उससे उनके मुख्य सचिव बनने की कम संभावनाएं है।
