शिमला में प्रदर्शन करते हुए पेंशनर।
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागों से रिटायर अधिकारी-कर्मचारी आज अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान शिमला के डीसी ऑफिस के बाहर पेंशनरों ने ‘डीए चोर, गद्दी छोड़’ नारे लगाए। वित्तीय लाभ नहीं मिलने से पेंशनर मायूस हैं।
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पेंशनरों की प्रमुख मांगें 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच रिटायर कर्मचारियों को संशोधित कम्युटेशन, लीव इनकैशमेंट व ग्रेच्युटी, 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पिछले 2 सालों से लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान शामिल है।
इससे नाराज पेंशनर आज हिमाचल संयुक्त पेंशनर संघर्ष समिति के बैनर तले सभी जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं और डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेगे।
शिमला के डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए पेंशनर।
प्रदेश में 1.30 लाख पेंशनर
हिमाचल में लगभग 1 लाख 30 हजार पेंशनर हैं। आज इनकी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। पेंशनर सरकार से अपनी मांगों को लेकर मिल चुके हैं। मगर बार बार उन्हें आश्वासन दिए जाते हैं। आर्थिक संकट के कारण सरकार इनके वित्तीय लाभ नहीं दे पा रही है।
शिमला में एचआरटीसी के रिटायर पेंशनर दो दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। अब दूसरे विभागों से रिटायर पेंशनर भी सड़कों पर उतर कर अपने वित्तीय लाभ के लिए अड़ गए हैं। इसके लिए कर्मचारी आर पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी में है।

डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन में शामिल महिला पेंशनर।
शिमला में DC ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
शिमला में विभिन्न विभागों से रिटायर पेंशनर आज डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इंद्र पाल शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भूप राम और मीडिया प्रमुख सैन राम नेगी ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिसके बाद पेंशनरों ने सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है।
तीन प्रतिशत डीए की घोषणा से कर्मचारी मायूस
वहीं पेंशनर संघ के नेताओं ने सीएम द्वारा दो दिन पहले की गई 3 प्रतिशत डीए की घोषणा पर हैरानी जताई, क्योंकि 1 जुलाई 2023 को केंद्र सरकार ने 4 प्रतिशत डीए जारी किया था और सीएम ने तीन प्रतिशत डीए देने की बात कही है।
