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जामताड़ा में शुक्रवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025 के लिए जिला स्तरीय पुरस्कार समिति की बैठक की गई। बैठक का उद्देश्य विद्यालयों में पेयजल, स्वच्छता, व्यवहार परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन एवं मासिक धर्म स्वच्छता जैसे मापदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों का चयन करना था। जिसमें जिले 10 स्कूलों को राज्य स्तर पर की प्रतियोगिता के लिए चयन किया गया । जानकारी के अनुसार जिले के 1123 विद्यालयों में से 1003 विद्यालयों ने एमएसभीपी पोर्टल/मोबाइल ऐप के माध्यम से 07 श्रेणियों में 120 अंकों के आधार पर स्वमूल्यांकन किया। प्रखंड स्तरीय मूल्यांकन के बाद 36 ग्रामीण और 04 शहरी क्षेत्र सहित कुल 40 विद्यालयों की सूची जिला समिति को प्राप्त हुई। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले के किसी भी प्राथमिक विद्यालय को 5 स्टार श्रेणी न मिलने पर कड़ी नाराज़गी की। उन्होंने कुंडहित प्रखंड के विद्यालयों के कमजोर प्रदर्शन पर भी असंतोष जताया एवं एपीओ तथा एडीपीओ को कार्य में लापरवाही के लिए फटकार लगाई। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को एडीपीओ के विरुद्ध विभाग को पत्राचार करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने जिले के आवासीय विद्यालयों करमाटांड़ को छोड़कर खराब मूल्यांकन को गंभीरता से लेते हुए सभी वार्डनों से स्पष्टीकरण पूछने तथा पुनर्मूल्यांकन में 5 स्टार रेटिंग प्राप्त होने तक वेतन रोकने का आदेश जारी किया। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री चार्ल्स हेंब्रम, एडीपीओ, एपीओ सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति द्वारा 40 विद्यालयों में से 10 विद्यालयों का चयन राज्य स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया। इनमें शहरी क्षेत्र से प्राथमिक विद्यालय अमोई एलिमेंट्री श्रेणी: उत्क्रमित मध्य विद्यालय हल्दुकनाली ग्रामीण क्षेत्र से प्राथमिक श्रेणी: प्राथमिक विद्यालय खूंटाबांध करमाटांड़, प्राथमिक विद्यालय शिवपुर नारायणपुर एलिमेंट्री श्रेणी: उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिंडारी, राजकीयकृत मध्य विद्यालय मझलाडीह-1 फतेहपुर, राजकीयकृत मध्य विद्यालय फतेहपुर सेकेंडरी श्रेणी: झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय करमाटांड़, पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय शहरदाल, उत्क्रमित उच्च विद्यालय चापुड़िया है।
