उदयपुर में एमबी हॉस्पिटल के जनाना अस्पताल में संचालित नि:शुल्क भोजनशाला में शॉर्ट सर्किट के बाद अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। हादसे में भोजन बना रही एक महिला मामूली झुलस गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। अंदर काम कर रहा स्टाफ तुरंत जान बचाकर बाहर भागा। बाहर खाना खा रहे लोग भी उठ खड़े होकर भागने लगे। रोटी-सब्जी सहित अन्य सामान वहीं बिखर गए। आसपास लोगों ने मुश्किल से आग पर काबू पाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि समय रहते अगर आग पर काबू नहीं पाते तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद तुरंत भोजनशाला को बंद कर दिया और सभी सिलेंडर को बाहर निकलवाकर सुरक्षित जगह रखवा दिया। गैस सिलेंडर में आग की बात को बार-बार नकारता रहा संचालक
गैस सिलेंडर में आग लगने की बात को भोजनाशाला संचालक अशोक कुमार बार-बार नकारता रहा। इतना ही नहीं, उन्होंने हादसे में किसी के झुलसने की बात से भी साफ इंकार कर दिया। अशोक कुमार ने बताया कि बिजली के तार में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लगी। उसकी आग से पास ही रखी रद्दी ने आग पकड़ ली। सिलेंडर में आग नहीं लगी और ना ही कोई झुलसा है। यहां नि:शुल्क भोजन वितरण सेवा संस्थान की ओर से मरीज और उनके अटेंडेंट को नि:शुल्क भोजन कराया जाता है।
रोटियां सेक रही थी, तभी साड़ी में आग लगी: बुजुर्ग
हादसे में झुलसी मालदास स्ट्रीट निवासी बुजुर्ग महिला सज्जन बाई(65) ने बताया कि मैं रोटियां सेक रही थी। खाना बनाने की मशीन से जुड़े तार में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग लगते देख मैं तुरंत नहीं उठ सकी। उठते वक्त मेरी साड़ी में में आग पकड़ी। जिससे हाथ और पैर पर मामूली झुलस गए। सिर के बाल भी आगे से जल गए। फिर मुझे हॉस्पिटल लाया गया। मैं यहां डेढ़ माह से काम कर रही हूं।
तेज धमाके की आवाज सुनकर दौड़ा और आग बुझाई
प्रत्यक्षदर्शी भूपेन्द्र सिंह धायबाई ने बताया कि भोजनशाला के फर्स्ट फ्लोर पर मेरी कैंटीन हैं। मैं वहां बैठा था। मुझे अचानक ते धमाके की आवाज आई तो मैं मेरे स्टाफ को लेकर तुरंत नीचे दौड़ा। वहां देखा तो भोजन शाला में आग लग रही थी। सिलेंडर के बाहर प्रेशर से आग निकल रही थी। ऐसे में तुरंत हॉस्पिटल की सप्लाई पाइप लाइन से आग बुझाने का प्रयास किया। साथ ही सिलेंडर के प्रेशर को रोककर उसे सड़क पर सुरक्षित जगह फेंक दिया। समय पर आग नहीं बुझाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
Source link
